सोलर पैनल्स प्राइस: भारत में सोलर पैनल की कीमत और बचत

सोलर पैनल्स प्राइस कम करने के तरीके: सरकारी सब्सिडी और टैक्स बेनिफिट्स

Table of Contents

सोलर पैनलों की मांग आजकल बढ़ रही है और उनके लिए बाजार में विभिन्न प्रकार के मॉडल और ब्रांड उपलब्ध हैं। हम जानते हैं  कि विकल्प केवल तस्वीर की एक झलक मात्र हैं और आपकी क्षमता के अनुरूप सही  सोलर पैनल ढूंढना बहुत कठिन हो सकता है।इसलिए, इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको महंगे और सस्ते सोलर पैनल्स प्राइस के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

सरकारी सब्सिडी और कर लाभ

सोलर ऊर्जा एक ऐसा बदलाव है जो पूरी दुनिया में फैल रहा है। इससे पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ होता है। फिर भी सोलर पैनल्स प्राइस कई लोगों को चिंतित करता है। इस ब्लॉग में हम सोलर पैनल्स प्राइस कम करने के पाँच तरीकों पर गहराई से चर्चा करेंगे।

विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली solar panel ki subsidy

भारत के राज्यों ने सोलर पैनल को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। राज्य सरकारें सोलर पैनलों की खरीद पर कम ब्याज वाले लोन, सब्सिडी और अन्य लाभ प्रदान करती हैं।

उदाहरण: कुछ राज्यों में, घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने के लिए प्रति किलोवाट सब्सिडी दी जाती है।

योग्यता मानदंड और आवेदन विधि

solar panel ki subsidy योजनाओं के लिए योग्यता मानदंड और आवेदन विधि प्रत्येक राज्य में अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर, इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आपको एक भारतीय नागरिक होना चाहिए और आपके पास एक स्थायी पत्ता होना चाहिए।

सोलर पैनलों की तुलना

बाजार में कई अलग-अलग प्रकार के सोलर पैनल और ब्रांड हैं। यह लेख आपको गाइड करेगा कि विभिन्न मॉडल या ब्रांड की लागत कितनी है, यह जानने के लिए कि मोनोक्रिस्टलाइन और पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल कैसे काम करते हैं।

विभिन्न मॉडलों और ब्रांडों के सोलर पैनल्स प्राइस की तुलना

सोलर पैनलों की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं जैसे कि –

  • अधिक क्षमता वाले पैनल

  • मोनोक्रिस्टलाइन पैनल और पॉलीक्रिस्टलाइन तकनीक

  • ब्रांड की प्रसिद्धि

  • नवीनतम तकनीक

  • इंस्टॉलेशन की लागत

मोनोक्रिस्टलाइन और पॉलीक्रिस्टलाइन  सोलर पैनल्स प्राइस की तुलना

विशेषता मोनोक्रिस्टलाइन पॉलीक्रिस्टलाइन
दक्षता अधिक कम
कीमत अधिक कम
दिखावट काली नीली
कम तापमान पर प्रदर्शन बेहतर कम
स्थान की आवश्यकता कम अधिक

नोक्रिस्टलाइन:

  • अत्यधिक कुशल

  • कम तापमान पर अच्छा प्रदर्शन

  • आमतौर पर अधिक महंगे

पॉलीक्रिस्टलाइन:

  • कम महंगे

  • कम जगह वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त

  • कम तापमान पर प्रदर्शन में कमी

    सोलर इंस्टॉलर का सही चुनाव और सोलर पैनल्स प्राइस की कुल लागत

    सोलर पैनल लगाना एक बड़ा निवेश है। इसलिए, एक अच्छे सोलर इंस्टॉलर का चुनाव करना बेहद जरूरी है। एक अच्छा इंस्टॉलर न केवल आपके घर के लिए सही सिस्टम का चयन करने में मदद करेगा, बल्कि इसे कुशलतापूर्वक स्थापित भी करेगा।

    एक अच्छे सोलर इंस्टॉलर का चयन करने के लिए महत्वपूर्ण कारक

    • अनुभव – इंस्टॉलर के पास कितने साल का अनुभव है?
    • लाइसेंस और प्रमाणपत्र – क्या उनके पास आवश्यक लाइसेंस और प्रमाणपत्र हैं?
    • वॉरंटी – वे किस तरह की वॉरंटी प्रदान करते हैं?
    • ग्राहक समीक्षा – पिछले ग्राहकों की समीक्षा पढ़ें।
    • स्थानीय सेवा उपलब्धता – स्थानीय इंस्टॉलर होने से सेवा और रखरखाव में आसानी होती है।

    स्थापक से उद्धरण प्राप्त करने के सुझाव

      • कितनी बिजली चाहिए? – आप कितनी बिजली का उत्पादन करना चाहते हैं?

      • छत का साइज़ – आपके घर की छत कितनी बड़ी है?

      • विभिन्न पैनलों के बारे में पूछें – विभिन्न प्रकार के सोलर पैनलों और सिस्टम के बारे में पूछें।

      • वॉरंटी, रखरखाव – वॉरंटी की अवधि और रखरखाव की लागत के बारे में पूछें।

      • पिछले ग्राहकों के संदर्भ – पिछले ग्राहकों के संदर्भों के लिए पूछें।

      • लिखित उद्धरण – सभी विवरणों के साथ एक लिखित उद्धरण प्राप्त करें।

    सोलर पैनल बचत का एक सुनहरा अवसर

    सोलर पैनल लगाना केवल पर्यावरण के लिए अच्छा ही नहीं है, बल्कि यह आपके बैंक खाते के लिए भी फायदेमंद है। सोलर ऊर्जा से आप न केवल बिजली के बिलों में भारी कमी ला सकते हैं, बल्कि लंबे समय में एक अच्छा रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) भी प्राप्त कर सकते हैं।

    बिजली बिल में कमी

    • सोलर पैनल आपकी बिजली की अधिकांश जरूरतें पूरी कर सकते हैं।

    • बिजली की बढ़ती कीमतों का असर नहीं होगा।

    • अतिरिक्त बिजली बेचने का अवसर

    रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI)

    • कम रखरखाव

    • सरकारी सब्सिडी से सोलर पैनल्स प्राइस कम

    • दीर्घकाल में बेहतर लाभ

    सोलर पैनल्स प्राइस को प्रभावित करने वाले कारक:

      • क्षमता – अधिक क्षमता वाले पैनल अधिक बिजली पैदा करते हैं, लेकिन उनकी कीमत भी अधिक होती है।
      • मोनोक्रिस्टलाइन, पॉलीक्रिस्टलाइन, बाइफेसियल – मोनोक्रिस्टलाइन, पॉलीक्रिस्टलाइन, और बाय -फेसिअल सोलर पैनलों की अलग-अलग कीमतें होती हैं।
      • ब्रांड वैल्यू – प्रसिद्ध ब्रांडों के  सोलर पैनल्स प्राइस अधिक हो सकती हैं, लेकिन वे आमतौर पर अधिक विश्वसनीय और टिकाऊ होते हैं।
      • सरकारी सब्सिडी और प्रोत्साहन – केंद्र और राज्य सरकारें सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार की सब्सिडी और प्रोत्साहन प्रदान करती हैं।

    भारत में सोलर पैनल्स प्राइस (2025 – 26 अनुमान)

    छोटे आकार के सोलर पैनल सिस्टम: 1–3 किलोवाट के सोलर सिस्टम की कीमत लगभग ₹1.2–2.4 लाख होती है।
    मध्यम आकार के सोलर पैनल सिस्टम: 5–10 किलोवाट के सोलर सिस्टम की कीमत लगभग ₹3.5–6.4 लाख होती है।
    बड़े आकार के सोलर पैनल सिस्टम: 10 किलोवाट से अधिक के सोलर सिस्टम की कीमत ₹6.5 लाख से ऊपर होती है।

    अनुमानित सोलर पैनल्स प्राइस

    Solar System Size Solar System Price
    1 kw solar panel price ₹1,20,000 – ₹1,30,000
    2 kw solar panel price ₹1,80,000 – ₹1,90,000
    3 kilowatt solar panel price ₹2,30,000 – ₹2,40,000
    5 kw solar panel price ₹3,50,000 – ₹3,70,000
    10kw solar panel price ₹6,30,000 – ₹6,40,000
    FAQs

    Have any specific Question ?

    Connect with our solar specialists for personalized guidance.

    More Blogs

    Connect With Us To Go Solar


    Contact Form